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अजीत सिंह
Ajeet Singh Story

बसपा की सदस्यता लेते हुए मैच का दृश्य



व्यक्तित्व परिचय


           इस धरती पर कोई भी मनुष्य अपने पैरों के निशानों को मिटाता हुआ नहीं चल सकता। अपनी धुन के पक्के और शहीद-ए-आ़जम भगत सिंह को अपना आदर्श मानने वाले हमारे नौजवान साथी अजीत सिंह के भी राजनैतिक पारी की शुरुआत में लम्बे संघर्ष की दास्तान परिलक्षित होती है। हम इनके संघर्ष को भी ऩजर अंदाज नही कर सकते। छोटी सी उम्र से ही समाज के लिए कुछ खास कर गुजरने की चाहत और कुशल नेतृत्व क्षमता इन्हे भीड़ से अलग खड़ा करती है। बचपन से ही क्रांतिकारी तेवर और बेबाक लेखनी के दम पर अजीत ने जनमानस के पटल पर जो छाप छोड़ी है वह अमिट है।

           यह कड़वा सच है कि इसी समाज में समय-समय पर ना जाने कितनों ने समाज सेवा के नाम पर लोगों को छल कर अपनी राजनीति को चमकाने का काम किया है और फिर राजनीति को व्यवसाय बनाकर जनमानस की भावनाओं से घिनौना खेल खेला है। दरअसल समाज सेवा का क्षेत्र ऐसे लोगो के लिए है जो आम आदमी के कष्टों, तकलीफों और आवश्यकताआें को ठीक-ठीक समझे। अजीत का अतीत इनकी ़िजन्दगी की वह खुली किताब है जिसके हर पन्ने इनके संघर्ष, सेवा , समर्पण और नेतृत्व की दास्तां बयां करते है। समाज के प्रति संजीदगी और इनके रघो में दौड़ता ईमानदार लहु इन्हे अपने पिता से विरासत में मिला है, जिस पर अविश्वास कत्तई नही किया जा सकता।

           अजीत सिंह के संघर्षों में समाज का मान, सम्मान, स्वाभिमान व सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक विकास का मानक बिंदु छुपा हुआ है। जो तमाम बाधाओं, धाराओं को चीरकर आगे आता है उसका ही इतिहास लिखा जाता है।