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अजीत सिंह
अपनी बात : अजीत सिंह


मैं काबिल हूँ तो जनता पास करे,नाकाबिल हूँ तो फेल-अजीत सिंह


      वाराणसी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी वर्तमान में राजनीति का बड़ा केंद्र बना हुआ है, यहीं से सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके नुमाइंदे अपनी राजनीतिक बिसात की चाल चलने के लिए अग्रसर है, और इसको लेकर ही आये दिन वादे पर वादे किए जा रहे हैं। आपको याद होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी काशी को स्मार्ट बनाने का वादा पिछले सालों से किया है जो अभी तक तो पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में पीएम के इस अधूरे वादे को आईना दिखाने का काम कर रहा है बनारस का एक छोटा सा वार्ड 'राजमंदिर'।जिसके पार्षद अजीत सिंह ने एक छोटे पद पर होने के बाद भी जो काम करके दिखाया है वह सबके लिए मिसाल बन रही है। अपने वार्ड के बहुमुखी विकास में कोई कसर बाकि नही छोड़ी है। जनता की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ उन्होने तमाम ऐसे कार्य किए हैं जो एक पार्षद की कार्य सीमा और क्षमता से बहोत दूर होता है। अजीत सिंह ने अपने वार्ड के लोगों की सुरक्षा खासकर व्यापारियों व महिलाओ के हित को ध्यान में रखकर अपने वार्ड के सभी मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ हर गली, हर नुक्कड़ पर १०० से ज्यादा क्लोज सर्विâट कैमरे लगवाए हैं।राज मंदिर वार्ड की जनता को जाति,आय,निवास सहित जन्म-मृत्यू प्रमाण पत्र व वृद्धा-विधवा पेंशन की कागजात बनवाने के लिए विभागों और कार्यालयों की भाग दौड़ और चक्कर नहीं लगाना पड़ता। इसके लिए पार्षद अजीत सिंह ने वार्ड में ही 'स्पीड प्वाइंट' नाम से अपना एक कार्यालय खोला है। जो ३६५ दिन जनता की सेवा में सक्रिय रहता है। स्पीड पॉइंट में एक छत के नीचे जनता के सारे काम किए जाते हैं। अगर कभी आप घूमते हुए राजमंदिर वार्ड में जाएं और इस कार्यालय के पास से गुजरे तो आपको कार्यालय के बाहर जूते और चप्पलों की भरमार दिखेगी, ऐसा लगेगा कि कार्यालय में कोई जनसभा हो रही है पर ऐसा नहीं है इस कार्यालय में रोजाना दिन भर में सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है जो अपनी समस्या को लेकर यहां आते हैं और उनके समस्या का यहां त्वरित समाधान किया जाता है।अजीत सिंह कहते हैं कि मैं चाहता हूं कि मेरा वार्ड स्मार्ट हो, यहां के लोग स्मार्ट हो, उनकी सोंच स्मार्ट हो। हर गली, हर घर के लोग आत्मनिर्भर और शिक्षित हो ।कभी किसी भी चीज के लिए किसी को किसी पर नजर उठाकर देखना ना पड़े। अजीत सिंह एक सुशिक्षित और जुझारू पार्षद के रूप में जाने जाते हैं जो अपनी पार्षद की हैसियत से कहीं ज्यादा काम वार्ड में करवा चुके हैं और उन्हें नगर निगम या अन्य विभागों से काम कराने का बेजोड़ तरीका मालूम है। हमने वार्ड के करीब २०० लोगों से बातचीत की जिसमे महिलाएं,पुरुष,युवक,युवती और बूढ़े सभी थे पर सबसे आश्चर्यचकित कर देने वाली बात यह रही कि किसी ने अजीत सिंह के विरोध में बात नहीं की।लोगों ने कहा कि सभासद जी तन मन धन से जनता की सेवा में २४ घंटे सक्रिय रहते हैं। जनता के दुख दर्द में अजीत सिंह खड़े रहते हैं। किसी भी जाति वर्ण धर्म और संप्रदाय ऊंच-नीच या गरीब अमीर सभी व्यक्तियों से और सामान रूप से मिलते हैं। उनकी व्यवहार कुशलता और बातचीत के विनम्र स्वभाव से सहज ही कोई आकर्षित हो जाता है। लोगों का कहना है कि बनारस के सबसे अच्छे पार्षद जो अपने काम के लिए जाने जाते हैं वे अजीत सिंह हैं।

      अजीत का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में १३ अप्रैल १९८३ को काशी में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा राजमंदिर स्थित श्री काशी सुबोधिनी विद्या मंदिर में हुई और सन २००३ में अजीत ने श्री अग्रसेन महाजनी महाविद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसी दौरान वे स्काउट-गाइड से जुड़े और समाजसेवा के बल पर उनको १९९९ में उत्तर प्रदेश का गवर्नर अवार्ड मिला।स्काउट गाइड में रहते हुए अजीत सिंह ने सतत समाजसेवा की। समाज सेवा की अद्भुत निष्ठा की वजह से उन्हें स्काउट गाइड में ही वर्ष २००५ में राष्ट्रपति पुरस्कार मिला। अजीत सिंह काफी शिक्षित हैं उन्होंने राजनीति शास्त्र से एम.ए. की पढ़ाई करने के बाद एलएलबी,एमजेएमसी,एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूरी की है। अजीत सिंह वर्ष २०११ में 'संघर्ष की दुनिया' नाम के मासिक समाचार पत्रिका में बतौर समाचार संपादक १ वर्ष काम चुके हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सही नही रहने की वजह से अजीत को शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष करना पड़ा उन्होंने छोटे-मोटे कई तरह के व्यवसाय करके अपनी जीविका चलाई पर जीवन के इस झंझावात में भी उन्होंने जनसेवा नहीं छोड़ी और समाज सेवा के बदौलत ही एक ऐसा समय आया जब जनता उनसे पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए जोर देने लगी ।अजीत सिंह २०१२ में एक निर्दल प्रत्याशी के रुप में राजमंदिर वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़े और भाजपा के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को ८०८ वोटों से पटखनी दी।

      राजमंदिर वार्ड गंगा के किनारे का इलाका है लेकिन सही मायने में यहां के लोग हमेशा से पानी के लिए प्यासे रहे थे। ७ बार के विधायक ने हर बार लोगों से वादा किया कि हम पानी की समस्या का समाधान कराएंगे लेकिन यहां के लोग लगातार पानी के लिए संघर्ष करते रहे।इस इलाके कि यह हकीकत है कि घर की बहन-बेटियां घर के बाहर निकलकर बाल्टी भर कर पानी ढोया करती थी। अजीत सिंह जब यहां से चुनाव लड़े थे तो चुनाव के समय उन्होंने यहां के लोगों से वादा किया कि अगर मैं जीत गया तो शपथ ग्रहण की तारीख से मुझे ३६५ दिन का मौका दीजिएगा मैं पानी की समस्या का निश्चित समाधान कराऊंगा।उस समय अजीत सिंह का वादा था कि पंचगंगा और दुर्गाघाट क्षेत्र में एक मिनी ट्यूबेल जरूर लगवा दूंगा और अगर नहीं लगा पाया को इस्तीफा देकर चला जाऊंगा। अजीत सिंह ने अपना वादा पूरा किया और पार्षद होने के बाद सबसे पहले ब्रह्मचारिणी मंदिर के पीछे राज्यसभा सांसद अमर सिंह के कोटे से मिली धनराशि के माध्यम से १ मिनी ट्यूबेल लगवाया।अजीत सिंह ने जनता से वार्ड में केवल एक नलकूप का वादा किया था पर ५ साल के कार्यकाल में उन्होंन बिना किसी सांसद-विधायक के सहयोग के वार्ड में पूरे ४ नलकूप लगवाए। दूसरा नलकूप अजीत सिंह ने १४वें वित्त आयोग से लिया । वही तीसरा ट्यूबेल उन्होंने अवस्थापना निधि से पास कराया। चौथा नलकूप उन्होंने जिला योजना के बजट से लिया है। अजीत सिंह ने मात्र एक कार्यकाल ने वार्ड में चार ट्यूबेल अलग-अलग क्षेत्रों में लगवाए पर विडंबना यह है कि किसी भी सांसद और विधायक निधि का सहयोग उन्हें नहीं मिला । नलकूपों के लगने से वार्ड के कई मोहल्ले में मकानों के छतों तक पानी बिना मोटर-पम्प का चढ़ जाता है। ब्रह्मचारिणी मंदिर के पास लगे नलकूप से पंचगंगा घाट, दुर्गा घाट, घाट माधव राव इलाके में भरपूर पानी की व्यवस्था हो गई है। रतन फाटक पर लगे नलकूप से नारायण दीक्षित लेन ,उँचवा गली,कातरा गली में पानी की समस्या का समाधान हुआ। वही रामघाट बालिका विद्यालय में अभी चौथा नलकूप अजीत सिंह ने लगवाया है जिसका ९५प्रतिशत काम पूरा हो चुका है बस मोटर-पम्प व कनेक्शन बाकी है। इस नलकूप से रामघाट, सूत टोला क्षेत्र में भरपूर पानी की व्यवस्था निश्चित रूप से हो जाएगी। अजीत सिंह ने वार्ड में लगभग १२५ सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं चुकी यह वार्ड गंगा तट का इलाका है और यहां तीर्थ यात्रियों की काफी ज्यादा संख्या होती है ऐसे में उनकी सुरक्षा बहुत जरूरी है। इस क्षेत्र के व्यापारी एवं क्षेत्र की महिलाएं खासकर युवतियां क्लोज सर्विâट कैमरा लग जाने से खुद को काफी सुरक्षित महसूस करती है।

      विधायक और सांसद निधि से शहर में सोलर लाइट बाद में लगना शुरू हुआ सबसे पहले इस इलाके में अजीत सिंह ने सार्वजनिक मंदिरों पर सोलर लाइट लगवाया। राज मंदिर वार्ड के बच्चे यहां किसी भी स्कूल में पढ़ते हैं उन बच्चों की मदद के लिए अजीत ने पूरा प्रयास किया। उनको स्कॉलरशिप मिले ताकि वह सुचारु रुप से पढ़ाई कर सकें इसके लिए अजीत सिंह ने काफी मेहनत की। उन्होंने बताया की स्कॉलरशिप लेने के लिए आजकल आम तौर पर जाति-आय और निवास प्रमाण पत्र की मांग की जाती है सच यह है कि इन कागजातों को बनाने के एवज में लोग मोटी रकम वसूलते हैं। एक गरीब बच्चे को जितने पैसे की छात्रवृत्ति मिलती है उतना ही पैसा जाति,आय,निवास बनाने वाले ले लेते हैं। अजीत सिंह का कहना है कि जब इन कागजातों को बनवाने के लिए कोई इतना पैसा दे देगा तो फिर छात्रवृत्ति का कोई मतलब ही नहीं रह जाता। इसलिए मैंने अब तक लगभग १००० बच्चों को मुफ्त में जाति,आय और निवास बना कर देने का काम किया। चाहे वह किसी जाति धर्म गरीब अमीर का बच्चा हो।अजीत सिंह ने क्षेत्र की तमाम विधवा महिलाआें एवं वृद्धों का पेंशन हेतु नि:शुल्क आनलाइन आवेदन कराकर उन्हे पेंशन हेतु पंजीकृत भी कराया है। वार्ड के मजदूर स्मार्ट हों,इसके लिए अजीत सिंह ने भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों का नि:शुल्क पंजीकरण करवाया चूंकि यह श्रम विभाग की योजना है पर अशिक्षित मजदूर इसके बारे में नहीं जानते।

      महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अजीत सिंह ने हाल ही में ग्रीष्मकालीन कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से १५४ छात्राआें को कंप्यूटर के क्षेत्र में साक्षर किया है । बनाने का काम किया है। अजीत बताते हैं कि जल्द ही एक स्थायी कम्प्यूटर प्रशिक्षण वेंâद्र की शुरुआत की जाएगी। जहां से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओ को नि:शुल्क कम्प्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा विकास कार्यों की एक लंबी फेहरिस्त है। कुल मिलाकर इसमें कोई दो राय नहीं कि अजीत सिंह ने एक पार्षद के दायरे से काफी आगे जाकर के वार्ड में काम किया है । अजीत सिंह एक मात्र ऐसे पार्षद हैं जिंहोने ७ आरसीआर में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के दौरान वाराणसी नगर निगम में काफी पहले से चली आ रही दस्तूरी प्रथा को लेकर निर्भीकता से अपनी बात रखी थी। अजीत सिंह के पास नगर निगम के अधिकारियों और विभागों से काम कराने का गजब का तजुर्बा है एक शिक्षित जनप्रतिनिधी होने के नाते उन्हें पता है कि कौन सा काम कहां किस प्रकार होगा और इसी का परिणाम है कि शहर के किसी क्षेत्र नियमित रूप से सफाई हो या न हो लेकिन राजमंदिर वार्ड में तीनों टाइम झाड़ू लगता है। वो बताते है कि मैं चुनाव से पहले लोगों से कहता था कि मुझे एक मौका दीजिए मैं इस इलाके की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दूंगा मैंने तस्वीर और तकदीर बदलने का पूरा प्रयास किया और बहुत हद तक बदला भी है शहर स्मार्ट होगा या नहीं होगा मुझे नहीं पता पर मेरा वार्ड स्मार्ट हो रहा है और इससे मुझे काफी खुशी है। वर्तमान निकाय चुनाव को लेकर जब हमने अजीत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि मैने पूरी निष्ठा,ईमानदारी और शिद्दत से अपना कर्म किया है जनता ने जो भरोसा करके मेरे कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी दी थी,उसे पूरा करने में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी, जनता के उम्मीदों की कसौटी पर खरा उतरने के लिए मैंने शत प्रतिशत ईमानदारी के साथ काम किया है। आने वाला निकाय चुनाव मेरे लिए बड़ी परीक्षा होगी जिसकी एक्जामनर जनता है। यदि जनता की नजर में मैं काबिल हूं तो मुझे पास करें और नाकाबिल हूं तो फेल करे। जनता का हर फैसला मुझे कुबूल होगा।


अंत में अजीत कहते हैं कि-
जो साथ न मेरा दे पाये
उनसे कब सूनी राह हुई।
जिस-जिस से पथ पर साथ मिला
उस-उस राही को धन्यवाद...।

जय हिन्द!